‘हे जियो’ बोलते ही होंगे कई काम, कॉल के बीच खाना ऑर्डर से लेकर कैब बुकिंग तक की सुविधा

नई दिल्ली
भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में डेटा और कॉलिंग की परिभाषा बदलने के बाद अब रिलायंस जियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ताकत को सीधे आम आदमी की रोजमर्रा की फोन कॉल्स से जोड़ने जा रहा है. कंपनी इस नए एआई टूल को इस साल के अंत तक देश भर में रोलआउट करने की योजना पर काम कर रही है, जो हर एक जियो यूजर के लिए पूरी तरह उपलब्ध होगा. इस सर्विस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह से ‘मेड इन इंडिया’ और भारतीय परिवेश के अनुकूल है. यह असिस्टेंट देश की सभी प्रमुख भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करेगा, जिससे ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों तक के आम उपभोक्ताओं के लिए फोन पर बात करने और अपने काम निपटाने का तरीका पूरी तरह से बदलने वाला है। 

जियो कॉल एजेंट एक तरह का पर्सनल एआई दरबान (AI Concierge) है जो आपकी नॉर्मल वॉयस कॉल्स के भीतर ही मौजूद रहेगा. इसके इस्तेमाल के लिए किसी स्मार्टफोन में किसी थर्ड-पार्टी ऐप को इंस्टॉल करने या किसी अतिरिक्त सेटिंग को ऑन करने की कोई झंझट नहीं होगी. जब आप किसी से फोन पर बात कर रहे होंगे, तो आपको बस अपनी आवाज में “हे जियो” (Hey Jio) कहना होगा. यह कमांड सुनते ही जियो का नेटवर्क-बेस्ड एआई असिस्टेंट आपकी कॉल में एक मददगार की तरह शामिल हो जाएगा. इसके बाद यह कॉल पर हो रही बातचीत को लाइव सुनने और समझने लगेगा. सुरक्षा और प्राइवेसी के लिहाज से यह बेहद जरूरी फीचर है कि यह एआई केवल यूजर की स्पष्ट सहमति और कमांड मिलने के बाद ही कॉल में शामिल होगा, जिससे डेटा सिक्योरिटी से जुड़ा कोई खतरा नहीं रहेगा। 

ये भी पढ़ें :  9 अप्रैल 2026 का राशिफल: मेष राशि में बढ़ेगी भागदौड़, सिंह और मकर को मिलेगा मेहनत का फल

कॉन्फ्रेंस कॉल में 10 लोगों की आवाज पहचानेगा एआई
आकाश अंबानी के अनुसार, इस एआई एजेंट की क्षमताएं बेहद आधुनिक हैं. यह किसी भी चालू कॉल के दौरान कही गई बातों को रियल-टाइम में लिखित रूप में (Transcribe) बदल सकता है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अगर आप एक कॉन्फ्रेंस कॉल पर हैं, तो यह एआई एक साथ 10 अलग-अलग लोगों की अनूठी आवाजों को पहचान सकता है और यह भी रिकॉर्ड रख सकता है कि किस व्यक्ति ने क्या बात कही. बातचीत खत्म होने के बाद, यह जियो कॉल एजेंट पूरी कॉल का एक सटीक सारांश (Summary) तैयार करेगा. इसके साथ ही मीटिंग में तय हुए जरूरी काम (Action Items) और जरूरी रिमाइंडर्स की एक लिस्ट बनाकर कॉल में शामिल सभी सदस्यों के साथ तुरंत शेयर कर देगा, ताकि किसी को अलग से नोट्स बनाने की जरूरत न पड़े। 

ये भी पढ़ें :  बड़ा मंगल 2026: सुंदरकांड की 5 शक्तिशाली चौपाइयां और उनका महत्व

आम आदमी के एक्सपीरियंस को कैसे बनाएगा खास?
यह एआई असिस्टेंट केवल ऑफिस की मीटिंग्स या नोट्स बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी को बेहद आसान और स्मार्ट बना देगा. लाइव कॉल के दौरान ही यूजर इस एआई एजेंट को सीधे निर्देश देकर कई तरह के टास्क पूरे करवा सकेंगे। 

ये भी पढ़ें :  ईरान के हमले से दहला दुबई एयरपोर्ट, सायरन बजते ही यात्रियों में मची भगदड़

    कैब और फूड बुकिंग: कॉल पर बात करते-करते ही आप एआई से कहकर अपने लिए खाना ऑर्डर कर सकते हैं या कहीं जाने के लिए कैब बुक कर सकते हैं। 

    टेबल और मीटिंग शेड्यूलिंग: किसी रेस्टोरेंट में टेबल रिजर्व करनी हो या दोस्तों-सहकर्मियों के साथ मीटिंग का समय तय करना हो, एआई कॉल के बैकग्राउंड में ही यह काम संभाल लेगा। 

    भाषा की दीवार होगी खत्म: सभी भारतीय भाषाओं के सपोर्ट के कारण, यदि कोई व्यक्ति अपनी क्षेत्रीय भाषा में भी निर्देश देगा, तो यह एआई उसे बखूबी समझकर टास्क पूरा करेगा। 

जियो का यह कदम भारत में एआई तकनीक के लोकतंत्रीकरण (Democratization) की दिशा में एक बड़ा क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है, जो महंगे एआई फीचर्स को बिना किसी अतिरिक्त खर्च के देश के 50 करोड़ से ज्यादा आम स्मार्टफोन और फीचर फोन यूजर्स की पहुंच में ला देगा। 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment